भारत रत्न सम्मान, 2019

भारत रत्न

भारत रत्न सम्मान भारत मे दिए जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान हैं। इस सम्मान की शुरूआत 2 जनवरी, 1954 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई। यह सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता हैं। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, लोकसेवा और खेल शामिल हैं। खेल को इन सेवाओं में बाद में शामिल किया गया।

वर्ष 2019 में सम्मानित व्यक्ति

25 जनवरी 2019 को भारत की 70 वीं वर्षगांठ थी। इस दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा 3 लोगों को भारत रत्न दिया गया। जिसमें भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, समाजसेवी नानाजी देशमुख और संगीतकार भूपेन हजारिका जी को सम्मानित किया गया।इस सम्मान की घोषणा राष्ट्रपति भवन के द्वारा जारी विज्ञप्ति के आधार पर की गई। इन तीन हस्तियों को मिला दिया जाए तो अभी तक 48 लोगों को भारत रत्न से पुरस्कृत किया जा चुका है। हमें यह बात भी मालूम होना चाहिए कि नानाजी और हजारिका जी को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया हैं। 2019 के भारत रत्न का विवरण निम्नवत् हैं:

नानाजी देशमुख

नानाजी का जन्म 1916 मे महाराष्ट्र के हिंगोली जिले मे हुआ था। वे मात्र 12 वर्ष में ही राष्ट्रीय स्वयं संघ मे शामिल हो गए और आगे चलकर उनके विचार ही संघ के प्रमुख स्तंभ बनें।

वे विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से लेकर जय प्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में जुड़े रहे और आपातकाल के दौरान भी जयप्रकाश जी के साथ मिलकर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भारतीय जनसंघ और जनता पार्टी के संस्थापकों में नानाजी भी रह चुके हैं तथा जब मोरारजी देसाई की सरकार बनी तो उन्हे सरकार में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला। परंतु उन्होने निमंत्रण अस्वीकार करते हुए खुद को देशहित मे लगाए रखा।

1950 में उन्होने गोरखपुर में पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की और इसके साथ ही दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामोदय विश्वविद्यालय व बाल जगत जैसे सामाजिक संगठनो की भी स्थापना की।

1999 में नानाजी को राज्यसभा सदस्य चुना गया और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 2010 में 92 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई और मरणोपरांत उन्हे भारत सम्मान भी प्राप्त हुआ।

प्रणब मुखर्जी

हमारे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 1935 में तात्कालीन बंगाल प्रेसिडेंसी मे वीरभूम के मिराती गांव में हुआ।
वे पाँच दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और भिन्न भिन्न पदों पर भारत सरकार की सेवा की।

वे 2012-17 तक 13 वें राष्ट्रपति, 2009-12 तक वित्त मंत्री, ‘1982-84, 1995-96 और 2006-09’ विदेश मंत्री और 2004-06 रक्षा मंत्री के रूप में भारत सरकार की सेवा कर चुके हैं। डॉ मुखर्जी को 2008 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका हैं।

भूपेन हजारिका

पूर्वोत्तर रत्न हजारिका जी का जन्‍म 1926 में असम के सदिया कस्बे में हुआ था। उन्होनें अपना स्नातकोत्तर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से, PHD कोलंबिया यूनिवर्सिटी से किया।
भूपेन हजारिका असम के प्रमुख संगीतकार, गीतकार और गायक तो थे ही साथ ही साथ उन्होनें असमिया के अलावा हिंदी, बंगाली सहित अन्य भारतीय भाषाओं में भी गायन किया। इस प्रकार वह संगीत के जरिए फिल्मो से जुड़े और कई फिल्मों का निर्देशन भी किया और भारत की संगीत परम्परा को विश्वस्तर पर लोकप्रिय बनाया।
वर्ष 1977 में हजारिका जी को पद्म श्री, 2001 में पद्म भूषण, 2012 में पद्म विभूषण(मरणोपरांत), 1987 में संगीत नाटक अकादमी, 1992 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2009 में असम रत्न का भी सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2011 में हजारिका जी का निधन हो गया।

भारत रत्न से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  1. यह सम्मान एक वर्ष मे अधिकतम 3 लोगो को दिया जा है। इस सम्मान के साथ कोई मौद्रिक अनुदान नहीं दिया जाता है। इसमें केवल राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक सनद और एक मेडल दिया जाता हैं।
  2. इस सम्मान को प्राप्त करने वाले का नाम मेडल के आगे या पीछे उल्लेखित नहीं होता है।
  3. भारत रत्न प्राप्त कर्ता को भारत में वरीयता क्रम में 7वां स्थान प्राप्त है। अब तक केवल दो विदेशी व्यक्तियों खान अब्दुल गफ्फार खान और नेल्सन मंडेला को ही यह सम्मान दिया गया है।
  4. सचिन तेंदुलकर 41 वर्ष की आयु में भारत रत्न पाने वाले सबसे युवा व्यक्ति हैं।
  5. मरणोपरांत भारत रत्न देने का प्रावधान 1955 में जोड़ा गया। मरणोपरांत यह सम्मान पाने वाले पहले व्यक्ति लाल बहादुर शास्त्री जी थे।

धन्यवाद।

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