विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस

इस बात से हम सभी अवगत है भारत का रेलवे नेटवर्क बहुत ही विस्तृत हैं। जी हां दोस्तो भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी और पूरे विश्व की तीसरी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था हैं। भारत रेल ने अपनी पहली दौड़ अंग्रेजों के समय सन् 1853 में मुंबई से थाने के बीच 34 किलोमीटर का सफर करके पूरी की। तभी से भारतीय रेल व्यवस्था दौड़ भी पड़ी और आज भारतीय रेलवे ने विश्व में ट्रेन 18 बनाकर इस दौड़ में एक नया इतिहास रच दिया है। इसी ट्रेन 18 को वन्दे भारत एक्सप्रेस के नाम से जाना जा रहा हैं। वन्दे भारत एक्सप्रेस एक 100 करोड़ से कम बजट में तैयार 160 से 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकने वाली पूर्णतः भारत में निर्मित सेमी हाई स्पीड ट्रेन हैं।

वन्दे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी हमारे प्यारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 15 फरवरी 2019 को दिखाया गया। ये ट्रेन दिल्ली स्टेशन से सुबह 6 बजे चलेगी और दोपहर 2 बजे बनारस पहुँच जाएगी और बनारस से दोपहर 2:30 बजे चलेगी और दिल्ली रात्रि 10:30 बजे पहुचेगी। इसके पूरे सफर का एक्जीक्यूटिव कोच का किराया 3750 रुपये और वातानुकूलित कोच का किराया 1850 रुपये हैं।

वन्दे भारत एक्सप्रेस की रोचक खूबियाँ

वन्दे भारत एक्सप्रेस के लोकप्रिय होने के पीछे इसके कम लागत से लेकर और भी बहुत से तथ्य हैं। इस ट्रेन की विशेषताएँ जानकर आपको अपने देश के प्रति गर्व महसूस होगा। आईये एक-एक करके वन्दे भारत की खूबियों को जानते हैं:

धन्यवाद।
  1. वन्दे भारत एक्सप्रेस MAKE IN INDIA कार्यक्रम के तहत चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री(ICF) में निर्मित स्वदेशी ट्रेन हैं।
  2. वन्दे भारत एक्सप्रेस एक इंजन के बिना (ENGINE LESS TRAIN) चलने वाली पहली भारतीय ट्रेन हैं। (मेट्रो परियोजनाओं को छोड़कर)
  3. वन्दे भारत को रिकॉर्ड लागत 97 करोड़ में तैयार किया गया है जो कि पूरी दुनिया के लिए आश्चर्य की बात बना हुआ हैं।
  4. वन्दे भारत एक्सप्रेस का नाम ट्रेन 18 होने का कारण इसके मात्र 18 महीनें में बनकर तैयार होना है।
  5. वन्दे भारत एक्सप्रेस की औसत स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। यद्यपि इसको 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकता हैं।
  6. वन्दे भारत एक्सप्रेस को दिल्ली और वाराणसी के बीच चलाया गया है। यह इनके बीच की लगभग 755 किलोमीटर की दूरी मात्र 8 घंटे में तय करती हैं।
  7. वन्दे भारत एक्सप्रेस के दिल्ली और बनारस के बीच बस दो स्टॉप कानपुर और प्रागराज ही हैं।
  8. वन्दे भारत एक्सप्रेस में कुल 16 कोच है जोकि दो प्रकार के है। 2 कोच एक्जीक्यूटिव क्लास के और अन्य 14 कोच वातानुकूलित हैं। एक्जीक्यूटिव क्लास के एक कोच में 52 सीट प्रति कोच जबकि वातानुकूलित कोच में 72 सीट प्रति कोच हैं।
  9. वन्दे भारत एक्सप्रेस में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमैटिक स्लाइडिंग वाले दरवाजे और ऑटोमैटिक स्लाइडिंग वाली सीढ़ियाँ लगी हैं जोकि ट्रेन रुकने पर ही खुलते हैं।
  10. वन्दे भारत एक्सप्रेस की कंफर्टेबल 360 डिग्री रोटेशनल सीट, बायो टॉयलेट, GPS passenger tracking system, CCTV कैमरा और एमरजेंसी में ड्राइवर से बात करने के लिए टॉक बैक फैसिलिटी आदि इसको बेहद खास बनाती हैं।